संदेश

साथियो,
मुझे यह जानकर प्रसन्नता होती है कि समिति अपनी सभी गतिविधियों के माध्यम से राजभाषा कार्यान्वयन को अपेक्षित गति देने का कार्य सुचारु रूप से कर रही है।
आज हिन्दी भाषा देश की प्रमुख संपर्क भाषा के रूप में अपना स्थान बना चुकी है। स्वयं हिन्दीतर भाषी होने के बावजूद मैंने भाषा की इस शक्ति का अनुभव किया है, जो आज भी देश को एक सूत्र में बांधे हुए है।
मेरा समिति के सभी सदस्य बैंकों से अनुरोध है कि वे अपने बैंकों में लेखन प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर दें, उन्हें निरंतर लिखने हेतु प्रोत्साहित करें, ताकि समिति नवोन्मेषी विचारों को कार्यान्वित कर निरंतर उन्नति कर सके और अपने स्थापित कीर्तिमान को यथावत रख सके।
हार्दिक शुभकामनाओं सहित,


(मनोज बिस्वाळ)
महाप्रबंधक
मानव संसाधन प्रबंधन व राजभाषा
बैंक ऑफ महाराष्ट्र


अध्यक्ष की कलम से

पुणे नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में समिति की वैबसाइट आपको सौंपते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है।
समिति को हर दौर में और हर स्तर पर सदस्य बैंकों और कार्यालयों हर का संभव सकारात्मक सहयोग मिलता रहा है।
समिति के सदस्यों ने दो स्तरों पर राजभाषा के कार्यान्ववयन पर ध्यान दिया है। एक ओर सदस्य बैंकों ने अपने-अपने कार्यालय अथवा शाखा में राजभाषा कार्य को गति देते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में पहल की है और दूसरी ओर समिति के सदस्यों के रूप में अपने दायित्वों को समझते हुए सामाजिक प्रयासों के जरिए राजभाषा कार्य का सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।
हार्दिक शुभकामनाओं सहित,


अध्यक्ष, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पुणे
व अंचल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पुणे